हमें अपने जीवन में न जाने कितनी मुसीबतों का सामना करना पड़े और हो सकता है कि हम लोगों में से बहुत से इन मुसीबतों का सामना कर भी चुके हों मेरा कहने का आशय यह है कि जब मुसीबतों का सामना करना ही है तो क्यों न उनका सामना हँसते-मुस्कुराते हुए किया जाये ! दोस्तों ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है इस संसार में जिसे कोई परेशानी न हो या उसने मुसीबतों का सामना न किया हो अपने जीवन में! केवल पैसे का पास में ना होना ही कोई परेशानी का कारण नहीं होती है हमारे जीवन में क्योंकि परेशानियां उन लोगों को भी बहुत हैं जिनके पास पैसा है ! पैसे से तो केवल मानव अपने जीवन में भौतिक सुख सुविधाओं का लाभ ले सकता है लेकिन जो चीज़ें पैसों से नहीं खरीदी जा सकती उसका महत्व कहीं अधिक है!
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Saturday, May 20, 2017
Sunday, May 14, 2017
माँ
सबसे पहले तो सभी माताओं को उनके दिवस मातृ दिवस की दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! आज का मेरा ब्लॉग सभी माताओं को समर्पित और मेरा उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ सभी माताओं के प्रति प्यार,सम्मान,सेवा-सादर और सत्कार की भावना पैदा करने का है! आज मैंने पूरे दिन में सोशल साइट्स पर बहुत लोगों को माँ दिवस मनाते हुए देखा और माँ के ऊपर एक से बढ़कर एक स्टेटस डालते हुए देखा जिनमें से एक में भी था ! दोस्तो अंत में मैंने महसूस किया कि क्या वाकई सभी लोगों को अपनी माताओं की फिक्र पूरे साल भी रहती है या फिर ये दिखावा है क्योंकि माँ का प्यार तो हम पर पूरे वर्ष बगैर किसी स्वार्थ भावना से बरसता रहता है और हम लोगों का क्या है साल में माँ के साथ एक फोटो डाल दी एक कैप्शन लिख दिया बस मन गया मातृ दिवस !
माँ एक ऐसा शब्द जिसमें पूरा संसार समा जाये एक ऐसी किताब जिसमें अल्फ़ाज़ों की जगह जज़्बात लिखे होते हैं जिसके चरणों में जन्नत होती है एक ऐसी शक्ति जिसका कोई सानी नहीं वह महान है इस संसार में जिसकी ममतामयी आँखें अपने लाल पर पड़ जायें तो पल में ही सब उदासी दूर हो जाये हर मुश्किल हल हो जाये ! माँ जो हमको अपनी कोख में 9 महीने रखती है खुद गीले मैं सोकर हमको सूखे में सुलाती है! माँ हमें अपने जीवन में कितनी भी बड़ी परेशानी क्यों न हो माँ के सिर्फ एक बार सर पर हाथ फेरने मात्र से सब गायब हो जाती है ! किसी भी गलती को माफ़ करने कि जिसमें शक्ति होती है! दोस्तों आज में चाहे जितना भी कुछ माँ के ऊपर लिखूँ वो सब कम है फिर भी न जाने क्यों आज मेरे मन में भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है और इसलिए में आज का अपना ब्लॉग हर माँ को समर्पित करना चाहता हूँ और अपनी भावनाओं को शब्दों के जरिये व्यक्त करने की कोशिश कर रहा हूँ ! दोस्तों इस संसार में हर किसी को माँ का प्यार नसीब नहीं होता है और वो लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं जिनके पास माँ होती है! आज मैं उन बच्चों का दर्द-ए-बयाँ कैसे करूँ जिनके पास माँ नहीं है उनके साथ सौतेली माताओं के द्वारा कैसा-कैसा दुर्व्यवहार होने की तमाम खबरें आये दिन सुर्ख़ियों में रहती हैं उन बच्चों से पूछिए उनके जीवन में माँ न होने की पीड़ा उनके साथ अनाथ होने के नाम पर शोषण किया जाता है ! मैं समझता हूँ कि इस संसार में भगवान् के द्वारा इंसान को दी गयी सब खुशियों में सबसे बड़ी खुशी अपनी माँ का अपने साथ होना है ! मैंने एक कहावत सुनी थी कि अगर हम अपनी खाल की जूती बनाकर भी अपनी माँ को पहनायें ना तो भी हम उसका क़र्ज़ उम्रभर नहीं चुका सकते !माँ तो वो है जो हर दिन अपने बेटे के लिये दुआ करती है जब तक कि उसका बेटा घर वापस न लौटे तब तक उसके सीने को ठंडक न पहुँचे!
यदि आप भी मेरे विचारों से सहमत हों तो कृपया कमेंट बॉक्स में दो शब्द कहना न भूलें ! अंत में सिर्फ ये कहुँगा -
माँ एक ऐसा शब्द जिसमें पूरा संसार समा जाये एक ऐसी किताब जिसमें अल्फ़ाज़ों की जगह जज़्बात लिखे होते हैं जिसके चरणों में जन्नत होती है एक ऐसी शक्ति जिसका कोई सानी नहीं वह महान है इस संसार में जिसकी ममतामयी आँखें अपने लाल पर पड़ जायें तो पल में ही सब उदासी दूर हो जाये हर मुश्किल हल हो जाये ! माँ जो हमको अपनी कोख में 9 महीने रखती है खुद गीले मैं सोकर हमको सूखे में सुलाती है! माँ हमें अपने जीवन में कितनी भी बड़ी परेशानी क्यों न हो माँ के सिर्फ एक बार सर पर हाथ फेरने मात्र से सब गायब हो जाती है ! किसी भी गलती को माफ़ करने कि जिसमें शक्ति होती है! दोस्तों आज में चाहे जितना भी कुछ माँ के ऊपर लिखूँ वो सब कम है फिर भी न जाने क्यों आज मेरे मन में भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है और इसलिए में आज का अपना ब्लॉग हर माँ को समर्पित करना चाहता हूँ और अपनी भावनाओं को शब्दों के जरिये व्यक्त करने की कोशिश कर रहा हूँ ! दोस्तों इस संसार में हर किसी को माँ का प्यार नसीब नहीं होता है और वो लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं जिनके पास माँ होती है! आज मैं उन बच्चों का दर्द-ए-बयाँ कैसे करूँ जिनके पास माँ नहीं है उनके साथ सौतेली माताओं के द्वारा कैसा-कैसा दुर्व्यवहार होने की तमाम खबरें आये दिन सुर्ख़ियों में रहती हैं उन बच्चों से पूछिए उनके जीवन में माँ न होने की पीड़ा उनके साथ अनाथ होने के नाम पर शोषण किया जाता है ! मैं समझता हूँ कि इस संसार में भगवान् के द्वारा इंसान को दी गयी सब खुशियों में सबसे बड़ी खुशी अपनी माँ का अपने साथ होना है ! मैंने एक कहावत सुनी थी कि अगर हम अपनी खाल की जूती बनाकर भी अपनी माँ को पहनायें ना तो भी हम उसका क़र्ज़ उम्रभर नहीं चुका सकते !माँ तो वो है जो हर दिन अपने बेटे के लिये दुआ करती है जब तक कि उसका बेटा घर वापस न लौटे तब तक उसके सीने को ठंडक न पहुँचे!
यदि आप भी मेरे विचारों से सहमत हों तो कृपया कमेंट बॉक्स में दो शब्द कहना न भूलें ! अंत में सिर्फ ये कहुँगा -
Sunday, April 23, 2017
आदर्श विचारों का जीवन में प्रभाव
दोस्तों आज-कल हर इंसान अपनी भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में दो वक़्त की रोटी कमाने में इतना व्यस्त है कि उसे इतनी फुर्सत नहीं मिल मिल पाती कि वो अपने परिवार के साथ कुछ समय अच्छे तरीके से बिता सके उनसे अच्छी बातें कर सके और अपने बच्चों को अच्छी बातें बता सके हाँ लेकिन एक बात जरूर है आज के इस आधुनिक युग में कि कुछ लोग अच्छी से अच्छी बातें सोशल साइट्स पर बढ़ चढ़कर शेयर करने में पीछे नहीं रहते चाहे वो अपने निजी जीवन में इन सब बातों का अनुसरण न करते हों माना की आप चाहते हो की सामने वाला व्यक्ति आपकी बातों से प्रभावित होकर उनका अनुसरण करे और अच्छी सोच रखे !
इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए की जो बातें हम दूसरों को अमल करने के लिए कहते हैं पहले स्वयं उन बातों का अनुसरण करें फिर दूसरों को कहें क्योंकि ऐसा करने से आपके पास न सिर्फ आत्मविश्वाश होगा बल्कि आप अवश्य ही दूसरों को अपनी बातों से आकर्षित करने में सफल होंगे !
दोस्तों बुरे लोग भी चाहते हैं कि का उनका बेटा अच्छा आदमी बने और अपनी छवि से पिता की छवि को ढक सके !
चोर भी चाहता है कि उसका बेटा पुलिस में हो !
यहां में कुछ उदाहरण बताना चाहूँगा इतिहास से जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर का जिससे हमें यह सीख मिलती है कि हमें लड़ाई स्वयं शुरू नहीं करनी करनी चाहिये जिससे बाद में पछताना पड़ता है!
सम्राट अशोक जोकि एक भारतीय राजा थे उनसे हमें सीख मिलती है कि हमें दिलों पे राज करना चाहिये शवों पर नहीं!
सिकन्दर महान जो कि एक विश्व विजेता था जब उसको अपने अंतिम समय का आभास हुआ तो उसने तुरंत अपने सिपहसालारों को बुलाकर कहा की जब में मरूं तो मेरे दोनों हाथ मज़ार से बाहर निकाल देना जिससे संसार को सीख मिले कि विश्वविजेता होने के बाद भी मैं कुछ अपने साथ नहीं ले गया तब तुम क्या ले जाओगे अपने साथ!
यारो हमने खूब कमाया क्या हीरे और क्या मोती
पर क्या कहें यारो कम्बख्त इस कफ़न में जेब भी तो नहीं होती
दुनिया में लोग केवल अच्छे लोगों से मिलना उनके साथ बातचीत करना पसंद करते हैं बुरे लोगों को तो बुरे लोग भी इतने पसंद नहीं करते जितना कि वो अच्छे लोगों को पसंद करते हैं! आज अगर आप किसी अच्छे व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति के साथ कुछ समय उठते बैठते हैं तो निश्चय ही आपके व्यवहार में आपके बातचीत करने के तौरतरीकों में एक अजीब सा बदलाव आयेग जो कि एक अच्छे इंसान की पहचान होती है और इस चीज के लिए आपको निश्चित ही नोटिस किया जाएगा और उस व्यक्ति की भी वाहवाही होगी कि हाँ वास्तव में अच्छे लोगों की संगति का असर होता है इसी को हम आदर्श विचारों का जीवन में प्रभाव कहते हैं !
अंत में सिर्फ इतना कहना चाहूंगा
बुरे लोग भी अच्छे लोगों को चाहते हैं एवं स्वयं उन्हें सम्मान देते हैं !
इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए की जो बातें हम दूसरों को अमल करने के लिए कहते हैं पहले स्वयं उन बातों का अनुसरण करें फिर दूसरों को कहें क्योंकि ऐसा करने से आपके पास न सिर्फ आत्मविश्वाश होगा बल्कि आप अवश्य ही दूसरों को अपनी बातों से आकर्षित करने में सफल होंगे !
दोस्तों बुरे लोग भी चाहते हैं कि का उनका बेटा अच्छा आदमी बने और अपनी छवि से पिता की छवि को ढक सके !
चोर भी चाहता है कि उसका बेटा पुलिस में हो !
यहां में कुछ उदाहरण बताना चाहूँगा इतिहास से जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर का जिससे हमें यह सीख मिलती है कि हमें लड़ाई स्वयं शुरू नहीं करनी करनी चाहिये जिससे बाद में पछताना पड़ता है!
सम्राट अशोक जोकि एक भारतीय राजा थे उनसे हमें सीख मिलती है कि हमें दिलों पे राज करना चाहिये शवों पर नहीं!
सिकन्दर महान जो कि एक विश्व विजेता था जब उसको अपने अंतिम समय का आभास हुआ तो उसने तुरंत अपने सिपहसालारों को बुलाकर कहा की जब में मरूं तो मेरे दोनों हाथ मज़ार से बाहर निकाल देना जिससे संसार को सीख मिले कि विश्वविजेता होने के बाद भी मैं कुछ अपने साथ नहीं ले गया तब तुम क्या ले जाओगे अपने साथ!
यारो हमने खूब कमाया क्या हीरे और क्या मोती
पर क्या कहें यारो कम्बख्त इस कफ़न में जेब भी तो नहीं होती
दुनिया में लोग केवल अच्छे लोगों से मिलना उनके साथ बातचीत करना पसंद करते हैं बुरे लोगों को तो बुरे लोग भी इतने पसंद नहीं करते जितना कि वो अच्छे लोगों को पसंद करते हैं! आज अगर आप किसी अच्छे व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति के साथ कुछ समय उठते बैठते हैं तो निश्चय ही आपके व्यवहार में आपके बातचीत करने के तौरतरीकों में एक अजीब सा बदलाव आयेग जो कि एक अच्छे इंसान की पहचान होती है और इस चीज के लिए आपको निश्चित ही नोटिस किया जाएगा और उस व्यक्ति की भी वाहवाही होगी कि हाँ वास्तव में अच्छे लोगों की संगति का असर होता है इसी को हम आदर्श विचारों का जीवन में प्रभाव कहते हैं !
अंत में सिर्फ इतना कहना चाहूंगा
बुरे लोग भी अच्छे लोगों को चाहते हैं एवं स्वयं उन्हें सम्मान देते हैं !
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